मंगलवार, 9 जनवरी 2018

तेरी फ़िक्र इस कदर किये जाते है !


तेरी फ़िक्र इस कदर किये जाते है ,
जहां भी जायें तेरा जिक्र किये जाते हैं ।
महफ़िलों का दौर है सजा , जाम पर जाम है छलका ।
इस हंसी दौर में तेरे होने की ख्वाइश  किये जाते है ।
             तेरी फ़िक्र इस कदर किये जाते है ,..............|
कुछ तो है तेरे नाम का नशा , हर जगह है तेरी ही सदा ।
तेरा नाम आते ही दिल अरमानो की बारिश किये जाते हैं ।
              तेरी फ़िक्र इस कदर किये जाते है ,..............|
जब तक साथ न हो तेरा , रहता है मायुसी का बसेरा ।
हर पल तेरे होने की 'दीप' दिल ये साजिश किये जाते है ।
               तेरी फ़िक्र इस कदर किये जाते है ,..............|
                

कोई टिप्पणी नहीं:

कहता# नहीं मुंह# पर ........!

कहता# नहीं मुंह# पर ........!  कितने फरेब पाल रखे है इंसा , पर कोशिश होती है सच की तरह दिखाने की । कोई समझ न पायेगा सोचता है इंसा , ...