गुरुवार, 1 फ़रवरी 2018

आपसे #अकेले में #बात करनी है !


सपनों के पीछे भागती भीड़ से परे ,
जहां कोई व्याकुल कोलाहल न करे ,
जहाँ कोई सफलता का अभिमान न धरे ,
जहाँ निश्चल मन की मासूमियत न मरे ,
अनुकूल  वातावरण में फैले क्षितिज के तले , 
आपसे अकेले में बातें करनी है !
कभी रोज की दौड़धूप से फांका तो करो ,
सपनों की दुनिया से बाहर  झाँका तो करो ,
मैं क्या चाहती हूँ कभी आँका तो करो ,
कुछ पल साथ बिताने का वादा तो करो ,
अपना सुख दुःख 'दीप' साथ साझा तो करो ,
आपसे अकेले में बात करनी है !

4 टिप्‍पणियां:

Hemlal Bharti ने कहा…

अति सुन्दर कविता

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

धन्यवाद भारती सर

Kavita Rawat ने कहा…

बहुत अच्छी प्रस्तुति
आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

कविता मेम आपके सकारात्मक टिप्पणी एवं शुभकामनाओं के लिए बहुत बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

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