गुरुवार, 24 मई 2018

चाँद# तारे# तोड़ लाने का वादा# न कर सही !

चाँद# तारे# तोड़ लाने का वादा# न कर सही ।

चाँद तारे तोड़ लाने का वादा न कर सही ।
हर पल साथ चलने का इरादा तो कर सही ।
मिले खुशियों के चार पल ग़ुम न हो कहीं ।
इसमें ही तो छिपी है अपनी  दुनिया  कहीं ।
भले राहों में खुशियों के फूल बिछे हो नहीं ।
काँटों भरी राहों से जरा एतराज भी तो नहीं ।
बातों ही बातों में अब न हो कोई कहाकही ।
बात पर बात बनेगी न रहेगी कुछ अनकही।
इकरार की वो हंसी शाम पल पल गुजर रही ।
कबूले नजरें तमाम अब तुझ पर ही ठहर रही ।
अब दूरियां न रहें दरमियाँ हमसफर हमराही ।
खूबसूरत सफ़र के बन जायें हमतुम इक राही ।
चाँद तारे तोड़ लाने का वादा न कर सही ।
जीवनसाथी बन जाने का तकाजा तो कर सही ।

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