#Abhivyakti Deep - #अभिव्यक्ति दीप
मंगलवार, 25 जुलाई 2017

खुलकर मुस्कुराने दो हमें ।

›
खुलकर मुस्कुराने दो हमें , न दबे बचपन किताबों के बोझों  के  तले । फूलों की तरह खिलने दो हमें , न झुलसे  मासूमियत  बड़ों के अरमानों के ...
4 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
दीपक कुमार भानरे
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.