मंगलवार, 18 फ़रवरी 2020
जब #पल पल बढ़ती है #रात #घनेरी सी !
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जब पल पल बढ़ती है रात घनेरी सी , तब बिछती है बिसात अंधेरों की । लौट आते है सब अपने आशियाने को, पथिक ढूंढ़ते है ठिकाने रात बिताने को, ...
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