गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

बहलता रहेगा तब तक ये #दिल ।

 


रहेगी ख़यालों में

जब तक तुम्हारी टहल

बहलता रहेगा

तब तक ये दिल ।

 

अकेला न हुआ कभी

सूनेपन भरे रहे  सभी

जब तक है यादों में

तुम्हारी ही  हलचल ।

 

गम ने बनाई दूरियाँ

उदासी न करे अठखेलियाँ 

खुशियाँ  लिख रही

अब तो नयी गजल ।

 

सुकून न रहा विदा कभी

बहती रही राहत की नदी

अब तो कुछ ऐसे ही

मन में है चहल ।

 

सूरत आँखों में है बसी

मन में समाई है हंसी

अब तो ऐसे ही

मन रहा है बहल .

 

याद बने अब हकीकत

रहो साथ अब हर वक्त

अब तो आकर सदा के लिये  

मेरी जिदंगी दो बदल .  

 

रहेगी ख़यालों में

जब तक तुम्हारी टहल

बहलता रहेगा

तब तक ये दिल ।

8 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 21 फरवरी, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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    उत्तर
    1. आदरणीय सर , मेरी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 21 फरवरी, 2026 को लिंक http://halchalwith5links.blogspot.in पर शामिल करने के लिए बहुत धन्यवाद! सादर ।

      हटाएं
  2. खुशियाँ लिख रही
    अब तो नयी गजल ।
    Wahhh

    जवाब देंहटाएं

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