सोमवार, 25 अक्टूबर 2021
बस इतना सा #फसाना है।
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चाहत यह उनकी बस इतना सा फसाना है। चाहतों का समंदर है , और डूबते ही जाना है । फूलों की खुशबू भी , अब करती नहीं दीवाना ...
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