शुक्रवार, 8 मार्च 2024

#नारी शक्ति अनंत अथाह ।


मन के अंदर कितने हो घाव,

फिर भी रखे कोमल स्वभाव,

मुश्किल में हो कितनी जीवन नाव,

फिर भी डिगे न इन के  पांव ।


#ममता के #आंचल की छांव ,

सुरक्षा और #आश्रय का भाव ,

चाहे कितना हो आभाव ,

#अन्नपूर्णा बन करती पुराव ।


चलाती उंगली पकड़ पांव पांव,

जुबां को देती शब्द और सुझाव,

शिशु को देती रुचि और चाव,

ताकि उचित हो पोषण और बढ़ाव।


बल व शक्ति रूपेण #दुर्गा ,

समझ व ज्ञान रूपी #शारदा ,

स्नेह का अविरल निश्चल प्रवाह ,

प्रज्ञा, प्रीति , प्रथा, प्रतिभा ,

#नारी शक्ति अनंत अथाह ।


#महिला दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं । 

13 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में" रविवार 10 मार्च 2024 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद! !

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  2. उत्तर
    1. आदरणीय सर, उत्साह बढ़ाती बहुमूल्य प्रतिक्रिया प्रदान करने हेतु बहुत धन्यवाद । सादर ।

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  3. आदरणीय यशोदा मेम,
    मेरी लिखी रचना को "पांच लिंकों के आनन्द में" शामिल करने हेतु बहुत धन्यवाद , सादर ।

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  4. उत्तर
    1. आदरणीय सर, उत्साह बढ़ाती बहुमूल्य प्रतिक्रिया प्रदान करने हेतु बहुत धन्यवाद । सादर ।

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  5. नारी शक्ति को नमन।
    बहुत सुन्दर रचना।

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    उत्तर
    1. आदरणीय मेम, प्रशंसमयी बहुमूल्य प्रतिक्रिया प्रदान करने हेतु बहुत धन्यवाद । सादर ।

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  6. उत्तर
    1. आदरणीय मेम, प्रशंसमयी बहुमूल्य प्रतिक्रिया प्रदान करने हेतु बहुत धन्यवाद । सादर ।

      हटाएं

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