फ़ॉलोअर

रविवार, 14 जुलाई 2024

कैसे #कह दूं कि ?

Image गूगल साभार

कैसे #कह दूं कि

तुम #चले जाओ।


भरता नहीं मन,

कुछ पल की बातों में,

पास बैठे रहो यूं ही,

पल पल दिन रातों में 

मिले इन पलों को

अब यूं न ग़वाओ।

कैसे कह दूं कि 

तुम चले जाओ।


#बारिश होगी 

कही भीग न जाओ,

#पानी में न कहीं 

तुम #आग लगाओ,

फिक्र में तुम्हारी

अब और न #उलझाओ।

कैसे कह दूं कि 

तुम चले जाओ।


#परवाह नहीं मुझे 

जमाने के तानों की 

मन को तो भाये 

संग तेरे सैर बागानों की

जमाने की बातों को

अब क्यूं दे हम भाव।

कैसे कह दूं कि 

तुम चले जाओ।


बड़ा ही #विशेष था #शुभ #मुहूर्त (#muhurt) ।

बड़ा ही विशेष था शुभ मुहूर्त कि जुड़ा था ये मन उनसे अटूट ।   धरा में थी हल्की भोर की धूप और बयार थे शीतलता से अभिभूत ।   करती निना...