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सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

जल उठे हैं घर घर दीप !

 


जल उठे हैं  घर घर दीप

रात्री अमावस्या माह कार्तिक ।

जल उठे हैं  घर घर दीप

रात्री अमावस्या माह कार्तिक ।

 

समुद्र मंथन से रतनों  के बीच

प्रकट हुई माँ लक्ष्मी धन प्रतीक

चरणों में उनके झुकेंगे शीश

सुख समृद्धि का पाने आशीष ।

 

श्री राम की हुई रावण पर जीत

अधर्म अनाचार विरुद्ध बने धर्म प्रतीक

चरणों में उनके झुकेंगे शीश

आचरण से उनके लेने सीख ।

 

नरकासुर राक्षस का किये वध

सत्यभामा संग भगवान श्रीकृष्ण

चरणों में उनके झुकेंगे के शीश

गाने उनके महिमा गीत ।

 

जल उठे हैं  घर घर दीप

रात्री अमावस्या माह कार्तिक ।

जल उठे हैं  घर घर दीप

रात्री अमावस्या माह कार्तिक ।


दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ . 

कभी रुखसत न हो जाना , कहता है दिल ये सयाना

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