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गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026

बहलता रहेगा तब तक ये #दिल ।

 


रहेगी ख़यालों में

जब तक तुम्हारी टहल

बहलता रहेगा

तब तक ये दिल ।

 

अकेला न हुआ कभी

सूनेपन भरे रहे  सभी

जब तक है यादों में

तुम्हारी ही  हलचल ।

 

गम ने बनाई दूरियाँ

उदासी न करे अठखेलियाँ 

खुशियाँ  लिख रही

अब तो नयी गजल ।

 

सुकून न रहा विदा कभी

बहती रही राहत की नदी

अब तो कुछ ऐसे ही

मन में है चहल ।

 

सूरत आँखों में है बसी

मन में समाई है हंसी

अब तो ऐसे ही

मन रहा है बहल .

 

याद बने अब हकीकत

रहो साथ अब हर वक्त

अब तो आकर सदा के लिये  

मेरी जिदंगी दो बदल .  

 

रहेगी ख़यालों में

जब तक तुम्हारी टहल

बहलता रहेगा

तब तक ये दिल ।

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बहलता रहेगा तब तक ये #दिल ।

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