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रविवार, 21 नवंबर 2021

मेरा हुनर मुझे सीढ़ियों से गिरने नहीं देता !



मेरा हुनर मुझे सीढ़ियों से गिरने नहीं देता । 

परेशानियां के बाज़ार में उतरने नहीं देता ।

माना कि लाख चुनौतियां है जीवन में ,

फिर भी मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता ।


आया है कुछ हुनर अपनों संग हाथ बटा कर ,

तो पाया है बहुत कुछ  हुनरमंद को गुरु बनाकर ,

जो मिला उसको कई दफा आजमाया है ,

अब तो सामने मेरे नाकामियों को संवरने नहीं देता ।

मेरा हुनर मुझे..…......


पाया है साजो सामान जीने का अपने दम पर ,

हुई है आसान हर  राहें रुकावटें को कम कर ,

आती नहीं नौबत हाथ फैलाने की जीवन में ,

अब तो नज़रों में दूसरों की खुद को उतरने नहीं देता । 

मेरा हुनर मुझे..….....


कुछ इस तरह से हुनर ने परिपक्व बनाया है ,

अब तो हर मुसीबतों को हौसलों ने हराया है ,

चाहे आ जाये कितनी ही  रुकावटें दीप जीवन में ,

पर जीवन की रफ्तार को जरा भी ठहरने नहीं देता । 

मेरा हुनर मुझे..…......


मेरा हुनर मुझे सीढ़ियों से गिरने नहीं देता । 

परेशानियां के बाज़ार में उतरने नहीं देता ।

माना कि लाख चुनौतियां है जीवन में ,

फिर भी मुझे टूटकर बिखरने नहीं देता ।

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https://anchor.fm/deepak-kumar-bhanre2/episodes/ep-e1ajvsv

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