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सोमवार, 9 अक्टूबर 2023

माना अभी #जद में थोड़ा न है !

 


माना अभी #जद में थोड़ा न है ,

#घर अपना आज ,

फिर भी गर संभल गये ,

कहीं उठते #धुयें को #भांप ।


खोद लिया एक #कुंआ गर ,

खतरे का कर आभास ,

शायद उस वक्त काम आये , 

जब अपने तक आये #आंच ।


गर करते नहीं #नजरंदाज ,

जो कुछ हो रहा आसपास,

तो मंसूबे सफल न होंगे ,

जो फैलाने वाले हैं आग ।


शायद एक हद बन जाये,

और एक सुरक्षा आकाश,

फिर शायद #जद में न होंगे,

अपना घर और आसपास ।

कर दो दिल को आज़ाद, एहसान मानेंगे जनम सात .

  कर दो दिल को आज़ाद एहसान मानेंगे जनम   सात .   तुम आओ न मेरे दिल को याद एहसान मानेंगे जनम   सात .     कौन सी घडी थी और कौन से...