अभी साधने है कई लक्ष्य ,
ज़िम्मेदारी के निभाने है कई चक्र ,
लिखनी कई #इबारत पसीने और खून से ,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से ।
तय वक्त पर करना है हर काम ,
ताकि सबको मिले एक अंजाम ,
अभी चलना है एक कानून से ,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से ।
हजारों बेकाम हो गये जमाने में ,
खुद को इस चाहत पर मिटा ,
करें रहम इस दिले मासूम से,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से ।
****”दीप”क कुमार भानरे ****
