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रविवार, 29 जनवरी 2023

अभी रखें #दिल को जरा #सुकून से ।

 


हजारों काम है #जमाने में ,
इस एक #चाहत के सिवा ,
बचना जरा ऐसे #जुनून से,
अभी रखें #दिल को जरा #सुकून से । 
 
लेना नहीं है चाहत का कोई रोग ,
मिलना नहीं किसी से रोज रोज ,
अभी खेलना नहीं ऐसे #नाखून से ,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से । 
 
अभी साधने है कई लक्ष्य ,
ज़िम्मेदारी के निभाने है कई चक्र ,
लिखनी कई #इबारत पसीने और खून से ,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से । 
 
तय वक्त पर करना है हर काम ,
ताकि सबको मिले एक अंजाम ,
अभी चलना है एक कानून से ,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से । 
 
हजारों बेकाम हो गये जमाने में ,
खुद को इस चाहत पर मिटा ,
करें रहम इस दिले मासूम से,
अभी रखें दिल को जरा सुकून से ।
                         ****”दीप”क कुमार भानरे ****

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