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वक्त के हर लम्हे लगते है अब कातिल .
वक्त के हर लम्हे लगते है अब कातिल हो ना जब तक हमें साथ तुम्हारा हासिल . लगता नहीं है दिल लहरें पाती नहीं साहिल गम के समन्दर ...
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कभी रुखसत न हो जाना कहता है दिल ये सयाना रब से मिले तुम नजराना कहता है दिल ये सयाना . बना लो दिल में आशियाना देते हैं लिख ये राजीनामा अब...
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सब्जी रखी पकाये को , चूल्हा दिया जलाये, जल के सब्जी काली भई, तू बैठी #मोबाइल चलाये। बैठे सबके साथ में , हाथ मोबाइल सजाये, #फुरसत कोई एक नह...
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कर खुद को कौशलमंद इतना , तकनीकी ज्ञान का पहनकर चस्मा , प्रशिक्षण लें कौशल बढ़ाने के लिए , हाथों को मिले नये हुनर की क्षमता । कर खुद को कौश...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति
जवाब देंहटाएंआपको जन्मदिन की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं!
कविता मेम आपके शुभाशीष और शुभकामनाओं के लिए बहुत धन्यबाद ।
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