मंगलवार, 3 अगस्त 2021

कर खुद को कौशलमंद इतना !

 


कर खुद को कौशलमंद इतना ,

तकनीकी ज्ञान का पहनकर चस्मा ,

प्रशिक्षण लें कौशल बढ़ाने के लिए ,

हाथों को मिले नये हुनर की क्षमता ।


कर खुद को कौशलमंद इतना ,

सीख कर मेहनत की आग में तपना,

बन जा शागिर्द हुनर बढ़ाने के लिए ,

कौशल को मिलेगी परिपक्वता ।


बना खुद को असरमंद इतना ,

हर काम को पड़े तुमसे ही वास्ता , 

करें हर काम अनुभव पाने के लिए ,

हाथों में आयेगी  प्रवीणता । 


बना खुद को कौशलमंद इतना ,

बेगारी को भी क़दमों में पड़े झुकना ,

मचेगी होड़  तुम्हे आजमाने के लिए , 

अवसरों की बढ़ जाएगी प्रचुरता ।


बना खुद को कौशलमंद इतना ,

जोड़कर कौशल विकास से  रिश्ता । 


15 टिप्‍पणियां:

Unknown ने कहा…

सुंदर सर जी

Meena Bhardwaj ने कहा…

सादर नमस्कार,
आपकी प्रविष्टि् की चर्चा शनिवार (07-08-2021) को "नदी तुम बहती चलो" (चर्चा अंक- 4149) पर होगी। चर्चा में आप सादर आमंत्रित हैं।
धन्यवाद सहित।

"मीना भारद्वाज"

Onkar Kedia ने कहा…

सुन्दर प्रस्तुति

SANDEEP KUMAR SHARMA ने कहा…

अच्छी प्रस्तुति...

मन की वीणा ने कहा…

सुंदर आह्वान करती रचना।

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

आदरणीय भारद्वाज मेम सादर नमस्कार ,
मेरी प्रविष्टि् की चर्चा शनिवार (07-08-2021) को "नदी तुम बहती चलो" (चर्चा अंक- 4149) पर शामिल करने के लिये , बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

आदरणीय ओंकार सर , संदीप सर एवं मन की वीणा सादर नमस्कार ,
मेरे ब्लॉग में पधारकर उत्साहवर्धक और प्रेरणा दायक सकारात्मक टिप्पणी हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

अनीता सैनी ने कहा…

वाह!बहुत बढ़िया सर।
सादर

दीपक कुमार भानरे ने कहा…


आदरणीय सैनी मेम ,
मेरे ब्लॉग में पधारकर उत्साहवर्धक और प्रेरणा दायक सकारात्मक टिप्पणी हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

Jigyasa Singh ने कहा…

सार्थक संदेश और प्रेरणा देती सुन्दर रचना।

शिवम् कुमार पाण्डेय ने कहा…

वाह।🌼♥️

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

आदरणीय जिज्ञासा मेम एवं पाण्डेय सर ,
मेरे ब्लॉग में पधारकर उत्साहवर्धक और प्रेरणा दायक सकारात्मक टिप्पणी हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

Anuradha chauhan ने कहा…

बहुत सुंदर

दीपक कुमार भानरे ने कहा…

आदरणीय अनुराधा मेम,
मेरे ब्लॉग में पधारकर उत्साहवर्धक और प्रेरणा दायक सकारात्मक टिप्पणी हेतु बहुत धन्यवाद एवं आभार ।

आलोक सिन्हा ने कहा…

बहुत बहुत सुन्दर रचना