फ़ॉलोअर

मंगलवार, 29 सितंबर 2026

कभी रुखसत न हो जाना , कहता है दिल ये सयाना

 


कभी रुखसत न हो जाना

कहता है दिल ये सयाना

रब से मिले तुम नजराना

कहता है दिल ये सयाना .

 

बना लो दिल में आशियाना

देते हैं लिख ये राजीनामा

अब करो न ज्यादा बहाना

स्वीकार करो हमारा ये नजराना .

 

कभी रुखसत न हो जाना

कहता है दिल ये सयाना

रब से मिले तुम नजराना

कहता है दिल ये सयाना .

 

यकीन में रखा है याराना

महफूज जहाँ मन का घराना

तुम घर मेरा ऐसा सजाना

जैसे परिंदों का घोसला है बनाना.

 

कभी रुखसत न हो जाना

कहता है दिल ये सयाना

रब से मिले तुम नजराना

कहता है दिल ये सयाना .

 

सांसों के रास्ते है समाना

पलकों में आकर बैठ जाना

दिल को जरा मेरे अपनाना

एहसान मानेगा दिल ये दीवाना .

 

कभी रुखसत न हो जाना

कहता है दिल ये सयाना

रब से मिले तुम नजराना

कहता है दिल ये सयाना .

 

बुना है जो चाहत का तानाबाना

उसे नजर न लगाये जमाना

रब कुछ ऐसे कृपा बरसाना

की रहे बरकरार सदा यह चाहताना .

 

कभी रुखसत न हो जाना

कहता है दिल ये सयाना

रब से मिले तुम नजराना

कहता है दिल ये सयाना .


3 टिप्‍पणियां:

  1.  आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में गुरुवार 01 अक्तूबर, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

    जवाब देंहटाएं

Clickhere to comment in hindi

कभी रुखसत न हो जाना , कहता है दिल ये सयाना

  कभी रुखसत न हो जाना कहता है दिल ये सयाना रब से मिले तुम नजराना कहता है दिल ये सयाना .   बना लो दिल में आशियाना देते हैं लिख ये राजीनामा अब...