अब यह बात बेमानी हो गई है की पैरों के जूतों की किस्मत और कीमत भी बदलती है । अब पैरों मैं पहने जाने वाली जूती या जूतों के दिन फिर सकते है बस जरूरत होती है उसे एक अदद सहारे अथवा ऐसे माध्यम की जो उसे पैरों से उठाकर सर मैं बिठाने मैं मदद करे । अब देखों न उस पत्रकार बंधू के जूतों की किस्मत जिसने कभी सोचा भी नही होगा की आज उसकी इतनी कीमत बढेगी और इतनी प्रसद्धि मिलेगी । नही तो उसे कौन जानता उसे , सभी साधारण जूतों की तरह वह भी एक गुमनाम जिन्दगी जीकर अपने को ख़त्म कर लेता , किंतु भला हो उस पत्रकार बंधू का जिस के अदम्य साहस और आक्रोश का जिसने आज उस जूते की जिन्दगी बदल दी । आज उसकी कीमत करोड़ों और अरबों मैं हो गई है । पूरे विश्व मैं आज उन जूतों के दीवानों और कदरदानों की भारी तादाद बढ़ गई है ।
जूतों को अपने आक्रोश व्यक्त करने और नाराजगी व्यक्त करने के हथियार के रूप मैं कब से प्रयोग शुरू हुआ यह शोध का विषय हो सकता है । किंतु यह कहा जा सकता है की हमारे देश मैं इसका आक्रोश व्यक्त करने के हथियार के रूप मैं प्रयोग लंबे समय से चला आ रहा है । छोटे छोटे लड़ाई झगडे और गली मोहल्ले के लड़ाई झगडे मैं इसका प्रमुखता से घातक हथियार के रूप मैं प्रयोग किया जाता रहा है । अब तो इसका प्रयोग बड़े बड़े और ख्यातनाम लोग करने लगे है । अब तो इसका प्रयोग हमारे देश के ख्यातनाम राजनेता भी करने से नही कतरा रहे हैं ।
इन सब घटनाओं के परिप्रेक्ष्य मैं देखे तो जूता अब एक घातक हथियार के रूप मैं सामने आया है । शारीरिक रूप से तो कम हानि पहुचाता है किंतु सम्मान और प्रतिष्ठा को भारी हानि पहुचाते है । समाज और लोगों के सामने इज्जत की भारी किरकिरी करवाते हैं । कई लोगों को तो जात निकाला और समाज मैं हुक्का पानी भी बंद करवा देता है यह जूता । फिर समाज मैं पुनः शामिल होने और शुद्ध होने के लिए भारी भोज भी कराया जात है । वैसे बुश साहब को तो जूता लगा नही , वो उनकी शारीरिक और मानसिक चपलता का परिणाम है की उन्होंने जल्दी जूते के आक्रमण को भांप लिया और उसकी मार से अपने आप को बचा लिया । फिर भी जाते जाते पूरे विश्व मैं भारी किरकिरी तो हो गई ।
एक महाशक्ति देश के शक्तिशाली व्यक्ति के सर चढ़ने का नतीजा यह हुआ की जूते का अपना रुतबा और प्रतिष्ठा और प्रसद्धि तो बढ़ गई किंतु इस जूते को मकाम तक पहुचाने वाले क्या हश्र होगा यह तो खुदा जाने । फिर भी अपने को मुसीबत मैं डालकर जूते की किस्मत को चमका तो गया और बता गया की पैरों की जूती की किस्मत भी चमकती है ।