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सोमवार, 3 अक्टूबर 2022

रावण को जब आग लगाई !

इमेज गूगल साभार


किसी को था यह नहीं पसंद ,

कि बुराइयां जिये और दिन चंद ,

सबने उसका एक पुतला बनाया ,

रावण का उसको रूप धराया ,

सब एकत्रित हुये एक रात ,

वह थी दशहरा के दिन की बात ।


अच्छाइयां रूप धरकर आई ,

राम लक्ष्मण बन दो भाई ,

लेकर हाथ में धनुष बाण ,

बाणों का कर अनुसंधान ,

रावण को जब आग लगाई ,

धूं धूं कर जल गई बुराई ।


गूंजा राम लक्ष्मण का जयकारा ,

रावण को तो खूब लताड़ा ,

हां यूं अच्छाई की जीत हुई ,

और बुराईयों ने दुर्गति सही,

सबके मन में खुशी समाई ,

सबने कहा खत्म हुई बुराई ।


💐💐दशहरा के पावन पर्व की 

अनेकों शुभ और मंगलकारी बधाइयां । 💐💐

💐🙏जय माता दी , जय #सियारामजी की 🙏💐

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