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सोमवार, 25 नवंबर 2024

#बच्चों की #पलटन !

हुआ #सबेरा
छोड़ बिस्तर का डेरा
#बच्चों की #पलटन ने
आंगन में डाला डेरा ।

कभी तेरा कभी मेरा
तो कभी आंखों को तरेरा
हो हल्ला और बखेड़ा
करते छुटकू और शेरा ।

पल में सुलह कर जाता
कुछ पल का खेला
टोली में उनकी दिखता नहीं
कि था पहले कोई झमेला ।

बुरा किसी से मानते नहीं
चाहे डांटो का कितना हो थपेड़ा
मन निष्कलंक और न सोच तंग
न रखते दुख का घेरा ।

हुई शाम "दीप"
समेट  मस्ती का डेरा
#बच्चों की #पलटन अब
लौट आई अपने अपने #बसेरा ।
                     दीपक कुमार भानरे

कर दो दिल को आज़ाद, एहसान मानेंगे जनम सात .

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