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रविवार, 22 मई 2022

यूं ही #बेपरवाह न छोड़े #चिंगारी को !

 


गर कहीं कुछ सुलग रहा है ,

तो उसे हवा दो या बुझा दो ।

यूं ही बेपरवाह न छोड़े #चिंगारी को ,

पर उसे उसका सबब बता दो ।


जो राहों में तुम्हारे,

बन बाधा खड़ी है डटकर ,

उस डालकर ठंडा पानी ,

एक बुझी राख बना दो ।


गर सुलग रही है ,

किसी अच्छे काम की ज्वाला बनकर ,

इसे डालकर और घी ,

दहकते शोलों का अंगारा बना दो ।


यूं बेपरवाह न छोड़ो किसी चिंगारी को ,

उसे उसका सबब बता दो ।

गर सुलग रहा है कहीं कुछ ,

तो उसे हवा दो या बुझा दो ।

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